Thursday, April 9, 2020 | होम | सम्पर्क करें | आपके सुझाव| हिन्दी मैग्जीन |
Bookmark and Share
समाचार
राष्ट्रीय
अन्तरराष्ट्रीय
सम्पादकीय
राजनीति
कारोबार
अपराध
खेल खिलाडी
मनोरंजन
साक्षात्कार
राज्य
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ
उत्तर प्रदेश
राजस्थान
गुजरात
दिल्ली
हरियाणा
बिहार
महाराष्ट्र
फोटो गैलेरी
Photo Gallery
अन्य
बॉलीवुड
शिक्षा
स्वास्थ्य
समाज
बाजार
ज्योतिष
धर्मं
महिला
युवा
बाल जगत
विशेष
जन आवाज
जानिये अपने विधायक को
जानिये अपने सांसद को
आरकाइव
एडमिन
ई - मेल
शिक्षा को सस्ता बनाने क्या निजी विद्यालयों पर अंकुश जरूरी है?
Yes   : 65 %
No     : 26 %
Can't : 9 %
Are you satisfied with your intranet system ?
यूटीआई हो या किडनी स्टोन न करें इन्हें नजरअंदाज, हो सकता है खतरनाक

 

आमतौर पर स्त्रियां यूरिनरी ट्रैक्ट से जुड़ी समस्याओं को मामूली समझ कर अनदेखा कर देती हैं। सही समय पर उपचार न मिलने की वजह से यह गंभीर रूप धारण कर लेती है। जानते हैं कुछ ऐसी ही समस्याओं और उनके समाधान के बारे में, जो अक्सर स्त्रियों को परेशान करती हैं।
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI)
यह इन्फेक्शन यूरिनरी ट्रैक्ट, ब्लैडर या किडनी में हो सकता है। आमतौर पर बैक्टीरिया के कारण ऐसा होता है। पुरुषों के मुकाबले स्त्रियों को यूटीआई की समस्या ज्यादा होती है क्योंकि उनके शरीर में यूरेथ्रा और एनस बहुत करीब होते हैं, जिससे स्टूल की कुछ गंदगी यूरिन के रास्ते में भी चली जाती है। यूरिन डिस्चार्ज करते समय जलन, रंगत बदलना, तेज़ बदबू, पेल्विक एरिया में दर्द, बुखार, नॉजि़या आदि इसके प्रमुख लक्षण हैं।  
क्या करें: पर्सनल हाइजीन और टॉयलेट की स्वच्छता का ध्यान रखें। खूब पानी पिएं। इसके बावज़ूद अगर कोई समस्या हो जाए तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लें।  गर्भावस्था में होने वाली समस्या
प्रेग्नेंसी के दौरान ज्यादातर स्त्रियों के लिए यूरिन का प्रेशर रोक पाना मुश्किल हो जाता है। डिलिवरी के दौरान पेल्विक एरिया की मांसपेशियां ढीली पड़ जाती हैं। इससे खांसते या छींकते समय कई बार यूरिन बाहर निकल आता है। 
क्या करें: पेल्विक एरिया की मांसपेशियों को मज़बूत बनाने के लिए एक्सपर्ट से सीखकर कीगल और पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज़ करना फायदेमंद साबित होता है।यूरिन के साथ ब्लड
यूरिन में ब्लड आने (पीरियड का नहीं) की समस्या को चिकित्सा विज्ञान की शब्दावली में हेमाट्यूरिया कहा जाता है। यूरिन के साथ आने वाले खून की रंगत सामान्य से थोड़ी अलग हो सकती है। पेट के निचले हिस्से में दर्द और यूरिन डिस्चार्ज करने में तकलीफ इस समस्या के प्रमुख लक्षण हैं। किडनी में स्टोन या ब्लैडर में इन्फेक्शन पर भी ऐसी समस्या हो सकती है।
क्या करें: यह कई गंभीर बीमारियों का संकेत है। अत: इसे पीरियड्स के साथ आने वाला ब्लड समझकर नज़रअंदाज़ न करें।

 

Hindi e-Paper
PUBLI CPOINT
PUBLICPOINT
More e-Papers ...
Important Links
You can Advertisment here
Bhopal Weather


Usage Statistics Generated by Webalizer Version 2.01

E-mail : contactus@publicpointnews.com, publicpointindia@gmail.com
Copyright © 2007-2015 Public Point News, All Rights Reserved.