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विधान सभा उपचुनाव विशेष - बहुत हो गया अब हमारे मत को बेचने य खरीदने वाले नेता नहीं जनता राज चलायेंगी

 

भोपाल।शनिवार,13 जून 2020 मध्यप्रदेश प्रदेश में इस बार 24 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव का नजारा बड़ा ही दिलचस्प होगा। हालांकि चुनाव आयोग की तरफ से उपचुनावों की तारीखों का एलान होना बाकी है लेकिन दोनों प्रमुख दलों ने उपचुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। वही प्रदेश में तीसरी ताकत का उदय मतदाता परिषद् के रुप में होने जा रहा है जो दोनों प्रमुख दलों के चुनावी गणित पर पानी फेरने की जुगत में है। मुरैना जिले का दौरा करनें के बाद,राजधानी के करीबी जिला रायसेन की सांची विधानसभा सीट का जायज़ा लेने आए मतदाता परिषद् के सहसंयोजक जगदीश प्रसाद ने पब्लिक प्वाइंट के संपादक अरुण द्विवेदी से अनौपचारिक चर्चा करतें हुए कहा कि आगामी उपचुनाव में हमारे 24 विधान सभा क्षेत्रों से 24 लोकउम्मीदवार चुनाव मैदान में होगें,और हम चौबीसों विधानसभा जीतेंगे। पहले अपने-अपने क्षेत्र के लोकउम्मीदवार का चयन विधान सभा क्षेत्र की मतदाता करेंगी। इसके बाद विधिवत उप चुनाव में उतरा जायेगा। बहुत हो गया अब हमारे मत को बेचने य खरीदने वाले नेता नहीं जनता राज चलायेंगी। सोशल डिस्टेंसिग के साथ क्षेत्र के लोग इस काम की शुरुआत हर विधान सभा क्षेत्र में अपने स्तर पर कर रहें हैं। उन्हें अब किसी पार्टी य विकाऊ नेता अथवा दलाल की आवश्यकता नहीं है। वे अपना उम्मीदवार अपनी आचारसंहिता से अपने स्तर पर चुनेंगे।    
 आप देख रहे हैं आज राजनैतिक दल मतदाता को अपना गुलाम समझने लगे हैं। निति-अनीति से व्यवहार में चुनावों का कोई वास्ता नहीं रहा। हमारे ही वोट से बने नेता स्वार्थी,और सत्ता लोलुप हैं। भ्रष्टाचार शिष्टाचार बन गया है। बेरोजगारी,किसानों को वाजिब दाम,व्यसनों में बृद्धि,महगाई ,प्रदूषण,जंगलों का नाश,खनिज संपदा की लूट,सत्ता का बढ़ता केंद्रीयकरण, कुशिक्षा, रोटी ,कपड़ा,मकान आदि कई बुनियादी सवालों का जवाब इनके पास नहीं हैं। इन राजनैतिक दलों ने ग्रामीण जनता एवं शहरों की सामान्य जनता को असहाय व गुलाम बनाने की जुगत के आलावा कुछ नहीं किया।


पूरा प्रदेश कुव्यवस्था से जर्जर हो चुका है। सरकार बनाने और बिगाड़ने के लिए विधायक खरीदे, बेचें जाते हैं। मतदाता को ठगने के लिए रणनीति बनाई जाती हैं !  हालत तेजी से बिगड़ रही है। पद,पैसा व प्रतिष्ठा प्राप्ति ही राजधर्म बनता जा रहा है। राजसत्ता की जकड़न जन-जीवन के हर पहलू पर व्याप्त है। ग्राम उद्योग नष्ट हो गए। अपनी रोटी -रोजी कमाने दुसरे शहर गए गरीबों के साथ इस कोरोना काल में सरकारों ने क्या किया ? इनके दलाल संगठन दो,रोटी ,पानी के पाउच के साथ फोटो खिचवानें को जनसेवा कहतें हैं ! बेशर्मी की भी हद होती है। इन लोगों ने तो बेशर्मी को भी पैसों के लिए बेच  दिया।


अच्छा,आप ही बताइयें ,हम तो भोग ही रहे हैं, सत्ता के लिए कांग्रेस ने समाज के हर वर्ग से झूठे वादे किये। कृषि ऋण माफी, बेरोजगारी भत्ता, न्याय योजना आदि -आदि पंद्रह माह में सब देखने को मिला ! कांग्रेसी बिकाऊ हैं, पूरे देश ने देखा। 24 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस अपनी चुनावी रणनीति बना रही है ! शर्म नहीं आती इनको अब किस बिकाऊ नेता को मतदाता के सिर पर थोंपना चाहते हो ! वही भाजपा को देखिये जनादेश विपक्ष की भूमिका निर्वहन करने का हुआ था। लेकिन चरित्रहीनता की हद देखिए - पैसों की ताकत से सत्ता के लिए जनादेश को ही कुचल दिया ! भाजपा ने तो सिद्ध ही कर दिया कि पद,पैसा व प्रतिष्ठा प्राप्ति ही राजधर्म है। पैसे से सत्ता खरीद कर मतदाता पर राज करने की बदनीयती प्रदेश की जनता देख रही है। शर्म नहीं आती ! किस ताकत किस आदर्श किस सिद्ध्यांत के वल पर हमारे पास वोट मांगने आओगे ?  षड्यंत्र व साजिश रच कर हम पर राज करना चाहते हों ! यही लोकतंत्र है तुम्हारा ? नहीं अब देश में लोकतंत्र का असली स्वरुप प्रदेश की 24 विधानसभा सीटों पर होने वाले आगामी उपचुनाव ही तय करेगें की सत्ता के लिए षड्यंत्र व साजिश करने वाले नेताओं का राज होगा य मतदाता का।


उन्होने मीडिया पर भी कटाक्ष करतें हुए कहा कि आप तो मीडिया से हैं आप ही अपने दिल पर हाथ रख कर बताइयें कि आपकी कमनियुटी ,नेता ,सत्ता अफसर के आलावा कभी इंडपेंडेंट हो कर कोई जनहित का मुद्दा उठाया ? या जो उठा रहें हैं उनका साथ दिया ? आपलोग जनता की आवाज हैं। कही न कही आप लोगों ने भी चूक की है। उसका खामियाजा हम सब भुगत रहे हैं। ऐसा नहीं कि हम आप य मीडिया पर ऊँगली उठा रहें हैं। हम एक सामन्य बात कह रहे हैं कि जनता की यदि आवाज बुलंद होती तो नेता,सत्ता, अफसर पर अंकुश होता। आज सत्ता मद मस्त हाथी की तरह महावत को ही कुचल रही है। आप लोग नकली सीडी असली सीडी में जनता का ध्यान बांटने और इनका माहौल बनाने में लगें हुए हैं ! देश के लोकतंत्र को यदि जिंदा रखना है तो आप लोगों को भी सोचना होगा। इस उपचुनाव में जनता तो कमर कस चुकी है। अब सत्ता, षड्यंत्र व साजिश रचने वाले नेताओं,राजनैतिक दलों के हाथ नहीं,जनता के वास्तविक प्रतिनिधियों के हाथ होगी। ये उपचुनाव लोकतंत्र को बचाने व् सत्ता में जनता की वास्तविक भागीदारी का हैं। हम इसके लिए न नेताओं को दोषी ठहरा रहे हैं ,न राजनैतिक दलों को। जनता ने इन पर विश्वास किया और इन्होनें जनता के विश्वास पर हमेशा घात किया। गलती हमारी है। हमें इतने वर्षों तक विश्वस नहीं करना चाहिए था। अब जनता इस उप चुनाव में अपनी गलती सुधारनें जा रही है। थोड़ा इंतजार करिए। उपचुनाव की घोषणा होने दीजिए। इन भ्रष्ट नेताओं और राजनैतिक दलों कि वास्तविक तस्वीर जनता देश के सामने रखेंगी। ये उपचुनाव सामान्य चुनाव नहीं शांति का चुनाव है। सत्ता के लिए षड्यंत्र व साजिश रचने वाले लालचियों ने लोकतंत्र की ताकत जनता की शक्ति को ललकारा है। समय आने दीजिए लोकतंत्र शांति से अपना काम कर रहा है। अब ये उपचुनाव ही तय करेगें की इतने वर्षों से सत्ता के लिए षड्यंत्र व साजिश करने वाले नेताओं का राज होगा य मतदाता का।  



 

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